साइबर अपराध अवसंरचना पर सीबीआई की सख़्त कार्रवाई फिशिंग एसएमएस फैक्ट्री को ध्वस्त किया ऑपरेशन चक्र-V के तहत तीन आरोपी गिरफ्तार
केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने देशभर में फिशिंग संदेश भेजने के लिए उपयोग किए जा रहे एक बड़े साइबर धोखाधड़ी सेट-अप का पर्दाफाश कर उसे ध्वस्त कर दिया है। इन संदेशों के माध्यम से लोगों को फर्जी डिजिटल गिरफ्तारी, लोन घोटाले और निवेश धोखाधड़ी जैसे विभिन्न साइबर अपराधों में फंसाया जा रहा था। इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। साइबर अपराध की रीढ़ तोड़ने पर केंद्रित ऑपरेशन चक्र-V के तहत सीबीआई ने रोज़ाना लोगों को बड़ी संख्या में मिलने वाले फर्जी एसएमएस का अध्ययन किया, जो अक्सर गंभीर वित्तीय धोखाधड़ी का कारण बनते हैं।
जांच के दौरान सीबीआई ने एनसीआर/चंडीगढ़ क्षेत्र से संचालित एक संगठित साइबर गिरोह की पहचान की। यह गिरोह साइबर अपराधियों को बल्क एसएमएस सेवाएं उपलब्ध करा रहा था। यह भी पाया गया कि विदेशी साइबर अपराधी भी भारतीय नागरिकों को ठगने के लिए इस सेवा का उपयोग कर रहे थे।
ऑपरेशन चक्र : लगभग 21,000 सिम कार्ड हासिल किए गए
प्रारंभिक जांच से पता चला है कि दूरसंचार विभाग (DoT) के नियमों का उल्लंघन करते हुए लगभग 21,000 सिम कार्ड हासिल किए गए थे। इन सिम कार्डों को एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से नियंत्रित कर बल्क संदेश भेजे जा रहे थे। इन संदेशों में फर्जी ऋण, निवेश अवसरों और अन्य वित्तीय लाभों का लालच दिया जाता था, जिसका उद्देश्य निर्दोष लोगों की व्यक्तिगत और बैंकिंग जानकारी चुराना था।
दूरसंचार विभाग (DoT) के साथ निकट समन्वय में और संचार साथी पोर्टल सहित विभिन्न स्रोतों से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर सीबीआई ने निजी कंपनी मेसर्स लॉर्ड महावीर सर्विसेज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ मामला दर्ज किया था। यह कंपनी उपरोक्त अवैध प्रणाली चला रही थी, जिसके माध्यम से ठग देशभर में बड़ी संख्या में फर्जी संदेश भेज रहे थे।
दिल्ली, नोएडा और चंडीगढ़ के कई स्थानों पर तलाशी ली गई। इन तलाशी अभियानों के दौरान सीबीआई को फिशिंग संदेश भेजने के लिए उपयोग की जा रही एक पूर्ण और सक्रिय प्रणाली मिली थी। इस प्रणाली में सर्वर, संचार उपकरण, यूएसबी हब, डोंगल और हजारों सिम कार्ड शामिल थे। इस सेट-अप के जरिए प्रतिदिन लाखों धोखाधड़ी वाले संदेश भेजे जा रहे थे।
डिजिटल साक्ष्य, बेहिसाब नकदी और क्रिप्टोकरेंसी जब्त
सीबीआई ने इस कार्रवाई में महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य, बेहिसाब नकदी और क्रिप्टोकरेंसी जब्त की है। प्रारंभिक निष्कर्ष यह भी संकेत देते हैं कि कुछ दूरसंचार कंपनियों के चैनल पार्टनर और उनके कर्मचारी इस धोखाधड़ी के लिए अवैध रूप से सिम कार्ड उपलब्ध कराने में शामिल थे। अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
यह ऑपरेशन संगठित साइबर अपराध के तकनीकी आधार पर प्रहार करने की दिशा में सीबीआई की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाता है। अन्य एजेंसियों के साथ निकट समन्वय और उन्नत खुफिया सूचनाओं के उपयोग के माध्यम से सीबीआई तकनीक का दुरुपयोग कर जनता को ठगने वालों के खिलाफ सख़्ती से कार्रवाई जारी रखेगी और उन्हें कानून के तहत न्याय के कटघरे में लाएगी।
