आज Punjab के CM Bhagwant Mann अपने सभी MLAs के साथ President (राष्ट्रपति) से मिलने Delhi पहुंचे हैं। मकसद था— Punjab से धोखा करने वाले Raghav Chadha और Sandeep Pathak समेत 7 AAP राज्यसभा सांसदों को वापस बुलाना
नई दिल्ली/चंडीगढ़: (मोहित ) : पंजाब की राजनीति (Punjab Politics) में इस वक्त एक बड़ा सियासी तूफान खड़ा हो गया है। आम आदमी पार्टी (AAP) के अंदरूनी घमासान ने अब एक नया और ऐतिहासिक मोड़ ले लिया है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान (CM Bhagwant Mann) आज अपनी ही पार्टी के 7 राज्यसभा सांसदों के खिलाफ एक बड़ा कदम उठाने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री मान, पंजाब के सभी AAP विधायकों के साथ आज राष्ट्रपति से मुलाकात करेंगे और इन सांसदों को राज्यसभा से ‘रिकॉल’ (वापस बुलाने) का प्रस्ताव रखेंगे।
📌 ख़बर की अहम बातें (Key Highlights):सांसदों
- कौन से सांसद हैं निशाने पर? राघव चड्ढा, संदीप पाठक और 5 अन्य राज्यसभा सांसद।
- क्या है मुख्य आरोप? इन सांसदों ने पंजाब के हकों की अनदेखी की है और राज्य के साथ “धोखा” किया है।
- कौन कर रहा है बगावत? पंजाब के सभी AAP विधायक मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में।
- क्या है अगला कदम? आज राष्ट्रपति भवन में मुलाकात कर इन सांसदों की सदस्यता रद्द करने/वापस बुलाने की मांग।
पंजाब के हितों के साथ “धोखे” का आरोप
सूत्रों के मुताबिक, पंजाब के विधायकों में इन राज्यसभा सांसदों को लेकर भारी रोष है। विधायकों का साफ तौर पर कहना है कि जब उन्होंने इन नेताओं (विशेषकर राघव चड्ढा और संदीप पाठक जैसे बड़े चेहरों) को चुनकर राज्यसभा भेजा था, तो उनका मुख्य उद्देश्य पंजाब के हकों और हितों की आवाज को संसद में बुलंद करना था। लेकिन आरोप है कि इन 7 सांसदों ने पंजाब के हितों को दरकिनार किया है और राज्य की जनता के साथ धोखा किया है।
विधायकों का दिल्ली कूच
इस नाराजगी को सिर्फ बयानों तक सीमित न रखते हुए, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एक कड़ा रुख अपनाया है। आज पंजाब आम आदमी पार्टी के सभी विधायक CM मान के साथ एकजुट होकर दिल्ली पहुंच रहे हैं। यह भारतीय राजनीति में अपने ही पार्टी द्वारा भेजे गए राज्यसभा सांसदों के खिलाफ इस तरह के बड़े विरोध का एक दुर्लभ मामला है।
राष्ट्रपति को सौंपेंगे ‘रिकॉल’ प्रस्ताव
मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में विधायकों का यह डेलिगेशन आज राष्ट्रपति से औपचारिक मुलाकात करेगा। इस मीटिंग का मुख्य एजेंडा एक प्रस्ताव सौंपना है, जिसमें यह मांग की जाएगी कि पंजाब का प्रतिनिधित्व कर रहे इन सातों सांसदों को उनके पद से तत्काल प्रभाव से वापस (Recall) भेजा जाए क्योंकि उन्होंने उस राज्य का विश्वास खो दिया है जिसने उन्हें चुनकर भेजा था।
आगे क्या? अब सभी की निगाहें राष्ट्रपति भवन पर टिकी हैं। क्या राष्ट्रपति इस प्रस्ताव पर कोई संवैधानिक कदम उठाएंगे? और आम आदमी पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व का इस पूरे बगावती सुर पर क्या रुख होगा? यह देखना बेहद दिलचस्प होगा।
