CBI files 11th Chargesheet against Builder Company and Directors in the Homebuyers Fraud Case
सीबीआई न्यायालय, अहमदाबाद ने दिनांक 09.12.2025 को तीन निजी व्यक्तियों, नामतः अतुल नारणभाई पंचाल, प्रोप्राइटर मेसर्स नेशनल मशीन टूल्स, अहमदाबाद; महेंद्र सिंह पी. वाघेला, मेसर्स नेशनल मशीन टूल्स, अहमदाबाद के कर्मचारी; और घनश्याम रामबृच पांडे, प्रोप्राइटर मेसर्स अहमदाबाद रोड कैरियर्स, अहमदाबाद को धोखाधड़ी के एक मामले में प्रत्येक को ₹30,000 के जुर्माने के साथ तीन वर्ष के कारावास की सज़ा सुनाई है।
केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने यह मामला दिनांक 22.06.2011 को नारण पंचाल, प्रो. मेसर्स नेशनल मशीन टूल्स, अहमदाबाद पर दर्ज किया था। इसमें अतुल नारणभाई पंचाल, ओएनजीसी, मुंबई के अज्ञात अधिकारियों और अन्य अज्ञात व्यक्तियों को भी शामिल किया गया था। यह आरोप था कि आरोपी अतुल नारणभाई पंचाल ने ओएनजीसी के अज्ञात अधिकारियों और अन्य अज्ञात व्यक्तियों के साथ मिलकर साजिश रचते हुए दिनांक 01.06.2011 को मेसर्स ओएनजीसी लिमिटेड से ₹67,58,938 का धोखाधड़ीपूर्ण व बेईमानी से भुगतान प्राप्त किया था। उन्होंने दिनांक 29.04.2011 को माल भेजे जाने का झूठा दावा किया था, जबकि वास्तविक रूप से संबंधित माल भेजा ही नहीं गया था, और इस प्रकार वे संबंधित क्रय आदेश की शर्तों के अनुसार भुगतान पाने के पात्र नहीं थे। इस तरह उन्होंने मेसर्स ओएनजीसी लिमिटेड के साथ धोखाधड़ी की थी।
जांच पूरी होने के बाद, सीबीआई ने दिनांक 27.12.2011 को आरोपी अतुल नारणभाई पंचाल, प्रोप्राइटर मेसर्स नेशनल मशीन टूल्स, अहमदाबाद; भाविन पटेल, सर्वेयर, मेसर्स डिट नॉर्स्के वेरिटास, अहमदाबाद; महेंद्र सिंह पी. वाघेला, मेसर्स नेशनल मशीन टूल्स, अहमदाबाद के कर्मचारी; और घनश्याम रामबृच पांडे, प्रोप्राइटर मेसर्स अहमदाबाद रोड कैरियर्स, अहमदाबाद के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया था।
माननीय न्यायालय ने विचारण (ट्रायल) के बाद आरोपियों को दोषी ठहराया और तदनुसार सज़ा सुनाई।
माननीय न्यायालय द्वारा मेसर्स डिट नॉर्स्के वेरिटास, अहमदाबाद के सर्वेयर भाविन पटेल के खिलाफ मामला पृथक कर दिया गया है, क्योंकि वह फरार है।
