गुरुओं की शिक्षाओं से प्रेरणा लेते हुए पंजाब को मानवता के आधार पर पानी को नहीं रोकना चाहिए
चंडीगढ़, 1 मई 2025 हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंजाब सरकार पर जल वितरण के मुद्दे पर “घटिया राजनीति” करने का आरोप लगाते हुए सीएम भगवंत मान को सलाह दी कि “पानी मानवता का मुद्दा है, इसे राजनीति का हथियार न बनाएं।” उन्होंने कहा कि पंजाब को “बड़े भाई” की तरह व्यवहार करते हुए हरियाणा के हिस्से का पानी रोकना अनैतिक है।
मुख्य बिंदु
1. “पंजाब गुरुओं की धरती, पानी रोकना अधर्म”
- सीएम सैनी ने कहा, “पंजाब ने हमें गुरुओं से मानवता सिखाई है। अगर पंजाब प्यासा रहेगा, तो हम अपना हिस्सा भी दे देंगे!”
- उन्होंने भगवंत मान से गुरु नानक देव जी के सिद्धांतों पर चलने की अपील की।
2. “दिल्ली की हार का बदला पंजाब में ले रहे AAP नेता”
- सैनी ने आरोप लगाया कि “AAP दिल्ली चुनाव हारने के बाद पंजाब में अपनी ‘इज्जत बचाने’ की कोशिश कर रही है।”
- यमुना जल विवाद का जिक्र करते हुए अरविंद केजरीवाल पर भी निशाना साधा।
3. “यह सिंचाई नहीं, पेयजल का मामला”
- हरियाणा सरकार का दावा: “हमें सिर्फ पीने का पानी चाहिए, जो संवैधानिक अधिकार है।”
- सैनी ने बताया कि अप्रैल-जून में 9,000 क्यूसेक आवंटित होता है, जिसमें से:
- दिल्ली: 500 क्यूसेक
- राजस्थान: 800 क्यूसेक
- पंजाब: 400 क्यूसेक
- बाकी हरियाणा की जरूरतों के लिए
4. “किसानों पर लाठीचार्ज करने वाले अब
- सीएम सैनी ने पंजाब सरकार की किसान नीतियों पर भी हमला बोला।
- कहा, “जिन्होंने किसानों को मारा, वे अब उनके पेयजल के हक़ भी छीन रहे हैं!”
FAQ: पंजाब-हरियाणा पानी विवाद
1. विवाद की जड़ क्या है?
- BBMB (भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड) द्वारा हरियाणा को अतिरिक्त पानी आवंटन को लेकर तनाव।
- पंजाब का दावा: “हरियाणा पहले ही अपने कोटे से ज्यादा पानी ले चुका है।”
2. पानी ; हरियाणा की दलील क्या है?
- “हमें सिर्फ पेयजल चाहिए, जो हमारा संवैधानिक हक़ है।“
- NCR और औद्योगिक विकास के कारण मांग बढ़ी।
