ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਦੇ ਵਿਦਿਆਰਥੀਆਂ ਤੇ ਲਾਠੀ ਚਾਰਜ ਅਤੇ ਪਰਚੇ ਦਰਜ ਕਰਨਾ ਸੰਵਿਧਾਨ ਦੇ ਵਿਰੁੱਧ-ਸਿੱਧੂ
कहा, जानबूझकर कई तथ्य छिपाकर मांगी नहीं जा सकती सुरक्षा
हाईकोर्ट ने याचिका सिरे से खारिज कर लगाया एक लाख रुपए जुर्माना*
हाईकोर्ट में हर रोज ही प्रेमी जोड़ों के केस आते है, जो घर से भाग कर शादी कर लेते हैं और फिर हाइकोर्ट से सुरक्षा मांगते हैं।
लेकिन एक बेहद ही अजीब केस हाईकोर्ट में आया, जिसमें प्रेमी जोड़े में से जो लड़का है वो पहले से न सिर्फ शादीशुदा है, बल्कि 10 बच्चों का बाप भी है और जिस लड़की से शादी कर हाईकोर्ट से सुरक्षा मांगी गई है, वह लड़की इस व्यक्ति से 20 साल छोटी है। याचिका में आधार कार्ड लगाना पड़ता है, लेकिन याचिका में लड़की का आधार कार्ड इस तरह लगाया गया कि लड़की पहचानी ही न जा सके।
आधार कार्ड की जो कॉपी लगाई गई वो बेहद ही डार्क थी, जिसमे लड़की की फोटो पूरी तरह से काली दिखाई दे रही थी।
यह बात भी सुनवाई के दौरान सामने आई कि लड़के की पहले एक शादी हो चुकी है पुरस्के पहले से ही 10 बच्चे हैं।
हाईकोर्ट ने इस पर हैरत जताते हुए कहा कि इस याचिका में कई तथ्यों को छिपा कर हाइकोर्ट से राहत लिए जाने को कोशिश की गई है, जो सही नहीं है। लिहाजा हाईकोर्ट ने याचिका को सिरे से खारिज करते हुए याचिकाकर्ता पर एक लाख रुपए जुर्माना लगा दिया है, लेकिन लड़की की सुरक्षा पर गौर किए जाने के मेवात के SP को आदेश दे दिए हैं।
